कौन हैं ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया? जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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उत्तरकाशी निवासी भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को ऑपरेशन सिंदूर में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति की ओर से मेंशन इन डिस्पैच (एम-इन-डी) से नवाजा गया है।

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को उत्तरकाशी जनपद का गौरव बताते हुए उन्हें सम्मान मिलने पर बधाई व शुभकामनाएं दी।

मिग 21 और सुखोई फाइटर जेट उड़ा चुके हैं गौरव

जिला मुख्यालय के ज्ञानसू निवासी सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक दंपती प्रभाकर कुंडलिया व संपत्ति कुंडलिया के पुत्र ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया मसीह दिलासा स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर वर्ष 2003 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से पासआउट हुए। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2004 में वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट कमीशन प्राप्त किया था।

गत वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्हाेंने वायुसेना के अग्रिम बेस पर एक यूएवी यूनिट का सफल नेतृत्व किया। ग्रुप कैप्टन गौरव को मिग 21 और सुखोई फाइटर जेट उड़ा चुके हैं, साथ ही उड़ान प्रशिक्षण अकादमी में बतौर प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं।

पूर्व में उन्हें स्वायत्त हवाई वाहनों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एक व्याख्यान देने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। गौरव के बड़े भाई कर्नल सौरभ कुंडलिया भी भारतीय सेना में सेवारत हैं।

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