पॉश एक्ट के तहत लंबित शिकायतों पर हुई चर्चा, जनजागरूकता और विभागों में आंतरिक समितियों के गठन पर दिया जोर
हरिद्वार, 28 अक्टूबर। जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया के कार्यालय में जिला स्तरीय परिवाद समिति (पॉश एक्ट) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के माध्यम से स्थानीय परिवाद समिति को भेजे गए पुराने मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन मामलों में शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में समिति ने संबंधित मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के लिए उन्हें अग्रसारित करने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों की नियमानुसार जांच की जा सके और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो।
सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा
बैठक में कार्यस्थलों पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा पॉश एक्ट के प्रावधानों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए सार्वजनिक स्थानों पर बैनर एवं होर्डिंग लगाने के साथ-साथ विभिन्न विभागों में आंतरिक समितियों (इंटरनल कमेटी) के गठन पर भी चर्चा की गई।
समिति ने महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
समिति की अध्यक्ष डॉ. मनु शिवपुरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समिति के सचिव एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, सुमन कुटियाल, वरिष्ठ पत्रकार शशि शर्मा, एडवोकेट रश्मि उपाध्याय तथा विनिता मेहता उपस्थित रहे।
बैठक में लंबित मामलों की जांच, शिकायतों के साक्ष्यों के परीक्षण और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।
