आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्षेत्रों में गोष्ठियों के माध्यम से दी सुरक्षित उपचार और प्राथमिक सहायता की जानकारी
रुद्रप्रयाग, 19 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर विश्व रोगी सुरक्षा दिवस एवं सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं, रोगी सुरक्षा तथा सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान मरीज और उनके परिजनों को चिकित्सक द्वारा दी गई सलाह का पालन करना चाहिए तथा निर्धारित दवाओं का सही तरीके से सेवन करना चाहिए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि दवा सेवन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या, एलर्जी अथवा प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने पर इसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्यकर्मी या चिकित्सक को देनी चाहिए। समय पर सूचना देने से मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
सर्पदंश जागरूकता के संबंध में बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 19 सितंबर को सर्पदंश से होने वाली मौतों और स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर नुकसान की रोकथाम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सर्पदंश जागरूकता दिवस मनाया जाता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने सर्पदंश से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना चाहिए। पीड़ित को शांत रखकर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश वाले स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, प्रभावित अंग पर कसकर कपड़ा या रस्सी बांधना तथा घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे उपाय पीड़ित की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि सर्पदंश की किसी भी घटना में बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचें और झाड़-फूंक अथवा असुरक्षित घरेलू उपायों से बचें।
