36 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित, 18 में मिला मोतियाबिंद; मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से आंखों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक
रुद्रप्रयाग, 08 अक्टूबर 2026। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में जनपद रुद्रप्रयाग के विभिन्न क्षेत्रों में नेत्र जांच एवं नेत्र सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों में कुल 110 ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान 18 लोगों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए। शिविरों में जरूरतमंदों को दवाएं और चश्मे वितरित किए गए। वहीं, जागरूकता कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं द्वारा मोबाइल, टैबलेट तथा कंप्यूटर का अत्यधिक इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताई गई।
तीन स्थानों पर लगाए गए नेत्र जांच शिविर
अगस्त्यमुनि विकासखंड के पंचभैयाखाल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नेत्र जांच शिविर आयोजित किया, जहां 26 लोगों की आंखों की जांच की गई। इनमें दो बच्चों में दृष्टिदोष पाया गया।
ऊखीमठ विकासखंड के ग्राम मनसूना में विवेकानंद नेत्रालय के सहयोग से आयोजित शिविर में 33 ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। इनमें 25 लोगों को दवाएं और पांच लोगों को चश्मे वितरित किए गए। जांच में नौ ग्रामीण मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए, जिनका शीघ्र ऑपरेशन कराया जाएगा।
इसी क्रम में जखोली विकासखंड के मेदनपुर में आयोजित शिविर में 51 लोगों की आंखों की जांच हुई। यहां 46 लोगों को दवाएं और 31 लोगों को चश्मे वितरित किए गए। जांच के दौरान नौ लोगों में मोतियाबिंद की समस्या सामने आई।
मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल आंखों के लिए नुकसानदायक
जागरूकता सत्रों में वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट आज दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि, बच्चों में सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और घंटों मोबाइल पर गेम खेलने की आदत चिंता का विषय है। लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर की स्क्रीन देखते रहने से आंखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बच्चों की स्क्रीन देखने की आदतों को नियंत्रित करने और डिजिटल उपकरणों का संतुलित इस्तेमाल करने की अपील की।
आंखों की नियमित जांच कराने की अपील
वक्ताओं ने आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों सहित पौष्टिक आहार लेने, नियमित नेत्र जांच कराने और धूम्रपान से बचने की सलाह दी। आंखों में खुजली, जलन या संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा इस्तेमाल न करने की अपील की गई। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार से दृष्टि संबंधी कई समस्याओं का समाधान संभव है। सरकारी चिकित्सालयों में मोतियाबिंद का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, शिकायत या परामर्श के लिए निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रमों में जिला चिकित्सालय के दृष्टिमितिज्ञ राजेश पुरोहित, विवेकानंद नेत्रालय के हनुमंत पंवार, सौरभ बर्तवाल, सौरभ रावत, बृजेश, राकेश कुंवर, अनूप पंवार और त्रिलोक जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
