छह दिवसीय प्रशिक्षण में उत्पादन तकनीक से लेकर विपणन तक की दी गई जानकारी
रुद्रप्रयाग, 5 अक्टूबर 2026। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (SBI RSETI), रुद्रप्रयाग में 30 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित छह दिवसीय ग्रामीण विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना रहा।
मशरूम उत्पादन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन एवं इसकी खेती से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त वातावरण, विभिन्न प्रजातियों तथा बीज (स्पॉन) तैयार करने और उसके उपयोग की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसके अलावा मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, तापमान एवं नमी के उचित प्रबंधन तथा फसल की देखभाल से संबंधित तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई। प्रशिक्षणार्थियों को उत्पादन के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी बताया गया।
प्रायोगिक प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वास्तविक प्रक्रिया का प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया। इससे प्रशिक्षणार्थियों को सीखी गई तकनीकों को व्यवहार में अपनाने का अवसर मिला। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को इतना सक्षम बनाना रहा कि वे अपने स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
बाजार और विपणन की भी जानकारी
प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन को आय का बेहतर साधन बनाने के साथ-साथ बाजार की संभावनाओं और तैयार उत्पाद के विपणन से जुड़ी जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने उत्पादन के साथ बाजार की मांग, उत्पाद की बिक्री और बेहतर आय के लिए उचित विपणन रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने कहा कि कार्यक्रम से उन्हें मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी मिली है, जिसका उपयोग वे स्वरोजगार शुरू करने में कर सकते हैं। प्रशिक्षण से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।
