स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलीन ऑयल से बनाया जा रहा था पनीर, इकाई का लाइसेंस निलंबित
संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई, नमूने जांच के लिए भेजे गए
लक्सर, हरिद्वार 14 अक्टूबर 2026। नवरात्र और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने लक्सर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। संघीपुर गढ़ी स्थित एक पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान करीब 3 कुंतल तैयार पनीर, 6 कुंतल अर्धनिर्मित पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट कराया गया। विभाग ने इकाई को अग्रिम आदेशों तक बंद कराते हुए उसका खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है।
आधी रात से सुबह तक चली छापेमारी
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश पर 13 अक्टूबर की मध्य रात्रि से 14 अक्टूबर की सुबह तक कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गढ़वाल राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में टीम ने थाना कोतवाली लक्सर क्षेत्र के संघीपुर गढ़ी में स्थित पनीर निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
कार्रवाई में सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पवन कुमार शामिल रहे। पुलिस बल और महिला कांस्टेबलों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पामोलीन ऑयल और मिल्क पाउडर से बन रहा था पनीर
छापेमारी के दौरान परिसर में एल्यूमीनियम के बड़े टब, डीप फ्रीजर और बिक्री के लिए रखा करीब 3 कुंतल तैयार पनीर मिला। इसके अलावा लगभग 6 कुंतल अर्धनिर्मित पनीर तैयार किया जा रहा था। मौके पर 15 किलोग्राम क्षमता वाले पामोलीन ऑयल के छह भरे टिन, 26 खाली टिन और स्किम्ड मिल्क पाउडर के 10 खाली बोरे भी मिले।
विभाग के अनुसार, जांच के दौरान स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलीन ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर बनाए जाने की जानकारी सामने आई। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड द्वारा 7 अगस्त 2026 को एनालॉग पनीर के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था।
खाद्य पदार्थ नष्ट, इकाई बंद
विभागीय टीम ने मौके पर गड्ढा खुदवाकर करीब 3 कुंतल तैयार पनीर, 6 कुंतल अर्धनिर्मित पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट कराया। इकाई को बंद कर नोटिस चस्पा किया गया और खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे नमूने
इकाई संचालक ताजिम पुत्र फैयाज, निवासी संघीपुर गढ़ी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खुले पनीर और पामोलीन ऑयल के नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
