जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों से की शिष्टाचार भेंट, प्रशासनिक कार्यों की ली जानकारी
हरिद्वार, 29 सितंबर 2026। सत्यम पाठशाला के बच्चों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं यातायात नियमों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी दी।
लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने की दी सीख
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से ही निर्धारित लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने समय का सदुपयोग करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल के अधिक उपयोग से बच्चे अपना महत्वपूर्ण समय गंवा सकते हैं। ऐसे में समय का उपयोग पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में किया जाना चाहिए।
शिक्षा के साथ अनुशासन और स्वास्थ्य पर जोर
एसपी क्राइम एवं यातायात निशा यादव ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने से विद्यार्थी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके सिंह ने बच्चों को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने नियमित रूप से समाचार पढ़ने और आसपास की गतिविधियों से अवगत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गलत आदतों से बचना और सही-गलत की पहचान करना जीवन में महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों से मुलाकात से बढ़ा आत्मविश्वास
सत्यम पाठशाला के संचालक अरुण कश्यप ने बताया कि बच्चों को शिक्षा के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना पाठशाला का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर बच्चों को प्रशासनिक अधिकारियों से मिलवाया जाता है, ताकि उन्हें मार्गदर्शन मिलने के साथ भविष्य के लिए प्रेरणा भी प्राप्त हो सके।
भ्रमण के दौरान अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, शिक्षिका रेणु देवी सहित आशा, वैष्णवी, शिवम, अश्विन, शालू, आयुष, हंसिका, तेजस, शौर्य, प्राणिका, प्रणव, मीरा, पायल, कृष्णा, श्रेष्ठ, देवांशु, शिवानी, दिव्यांका, मानवी, अनु और वांशिका सहित अन्य बच्चे मौजूद रहे।
