रुद्रप्रयाग, 15 सितंबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में रुद्रप्रयाग को बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) अब अपने नए भवन में संचालित हो रहा है। लगभग 5.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ रहने और भोजन की भी निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
नवनिर्मित भवन में प्रशिक्षणार्थियों के लिए अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, वर्कशॉप, दो डॉरमेट्री हॉल, किचन, स्मार्ट क्लासरूम तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। संस्थान में एक समय में लगभग 70 प्रशिक्षणार्थियों के रहने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। इससे दूरस्थ गांवों से आने वाले युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आरसेटी के निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि भवन का निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) द्वारा किया गया है। भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध कराई, जबकि भारतीय स्टेट बैंक ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उनकी रुचि तथा स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
संस्थान में उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) सहित कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी कौशल के साथ व्यवसाय शुरू करने, वित्तीय प्रबंधन, विपणन, उत्पाद गुणवत्ता और उद्यम संचालन की भी जानकारी दी जाती है। व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए आधुनिक वर्कशॉप और डिजिटल शिक्षा के लिए कंप्यूटर लैब का विशेष उपयोग किया जा रहा है।
प्रशिक्षणार्थियों ने नए भवन में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि रहने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था से उन्हें पूरी तरह प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल रहा है। उनका कहना है कि संस्थान का सकारात्मक वातावरण और व्यावहारिक प्रशिक्षण उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है तथा स्वरोजगार शुरू करने की दिशा में मार्गदर्शन भी मिल रहा है।
आरसेटी का नया भवन रुद्रप्रयाग में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की संभावनाओं को और मजबूती मिलेगी।
