रुद्रप्रयाग, 16 सितंबर 2026। श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संवेदनशील क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार तैनात हैं और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग पार कराया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार श्री केदारनाथ धाम से गौरीकुंड की ओर लौट रहे तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। चीरबासा क्षेत्र में संभावित भूस्खलन और पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए डी.डी.आर.एफ., वाई.एम.एफ., आपदा मित्र और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त रेस्क्यू टीमें मौके पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन रजवार के निर्देशों पर रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संवेदनशील हिस्से से गुजरने वाले प्रत्येक यात्री को सुरक्षा हेलमेट उपलब्ध कराया जा रहा है। रेस्क्यू कर्मी स्वयं यात्रियों को हेलमेट पहनाकर सावधानीपूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं और जोखिम वाले क्षेत्र को सुरक्षित तरीके से पार करा रहे हैं।
रेस्क्यू टीमों द्वारा यात्रियों को लगातार सतर्क किया जा रहा है कि वे निर्धारित मार्ग से ही गुजरें, भीड़ न लगाएं और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। सुरक्षा कर्मी संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए चरणबद्ध तरीके से उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
जिला प्रशासन ने बताया कि चीरबासा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौसम व पहाड़ी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।
प्रशासन ने सभी तीर्थ यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें, रेस्क्यू टीमों और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में धैर्य और सावधानी के साथ यात्रा करें। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निरंतर जारी हैं।
