ग्रामीणों ने सड़क, भूस्खलन, क्षतिग्रस्त नहरों एवं गुलों की मरम्मत से जुड़ी समस्याएं रखीं
रुद्रप्रयाग 19 सितंबर, 2026 : जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में जखोली विकासखंड के डंगवाल गांव में “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई श्री पवन कुमार ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों ने रखीं क्षेत्रीय समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क से संबंधित समस्याओं के साथ ही भूस्खलन, क्षतिग्रस्त नहरों तथा आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई गुलों की मरम्मत से जुड़ी मांगें प्रमुखता से रखीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों की शीघ्र मरम्मत की मांग की।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मामलों की प्रभावी निगरानी करते हुए ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने पात्र व्यक्तियों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अन्य पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का आह्वान किया।
ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं के साथ-साथ जनहित से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई गईं। अधिकारियों ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर रहने वाले पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
गांव में ही समस्याओं के समाधान का उद्देश्य
अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई श्री पवन कुमार ने कहा कि “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को उनके गांव में ही सुनना तथा संबंधित विभागों के माध्यम से उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके निस्तारण की प्रभावी निगरानी की जाएगी। इस प्रकार के कार्यक्रमों से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायता मिलती है।
