18 सितम्बर, 2026
केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से लगभग 2.5 किलोमीटर ऊपर चीरवासा के समीप भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मार्ग सुधारीकरण एवं चौड़ीकरण का कार्य तेजी से जारी है। लोक निर्माण विभाग की टीमें और श्रमिक लगातार मौके पर कार्यरत हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा संभावित खतरों को समय रहते दूर करने के उद्देश्य से संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा सक्रिय और प्रो-एक्टिव होकर आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।
विगत दिनों चीरवासा के समीप हुए भूस्खलन से पैदल मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग की टीमों को मार्ग बहाली एवं सुरक्षित आवागमन व्यवस्था के लिए लगाया गया। वर्तमान में श्रमिकों द्वारा क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधारीकरण, मलबा हटाने और मार्ग को चौड़ा करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की मौजूदगी में प्रभावित स्थान से श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही भी कराई जा रही है। यात्रा मार्ग पर आने-जाने वाले यात्रियों को आवश्यकतानुसार नियंत्रित एवं सुरक्षित ढंग से आगे भेजा जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिलाधिकारी श्री विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में मौसम साफ होने के बाद तथा यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने उपरांत संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान पहाड़ी पर कुछ बड़े पत्थर चिन्हित किए गए, जिनके किसी भी समय नीचे गिरने की संभावना थी। इन पत्थरों से मार्ग सुधारीकरण में लगे श्रमिकों और पैदल यात्रा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता था। संभावित जोखिम को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के श्रमिकों की सहायता से चिन्हित पत्थरों को नियंत्रित तरीके से पहले ही नीचे गिरा दिया गया।
इस कार्रवाई से ऊपर से पत्थर अथवा मलबा गिरने की आशंका को काफी हद तक कम किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यात्रा मार्ग को सुरक्षित, सुचारु और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाए रखना है।
उन्होंने बताया कि चीरवासा के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में मार्ग को पूर्णतः सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सुधारीकरण और चौड़ीकरण कार्य निरंतर गतिमान है। प्रशासन एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाएं यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम, भूस्खलन की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार तत्काल सुरक्षात्मक तथा सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
