प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान, श्रवण कुमार प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक
हरिद्वार। भेल सेक्टर-1 में पिछले 52 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही ऐतिहासिक रामलीला में मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा पहुंचे। उनके आगमन पर रामलीला समिति के पदाधिकारियों और कलाकारों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान कलाकारों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर उन्होंने उनका उत्साह बढ़ाया।
श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश
रामलीला मंच से संबोधित करते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलना हम सभी का कर्तव्य है। जीवन के प्रत्येक मोड़ पर उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने रामलीला के माध्यम से समाज तक पहुंचने वाले नैतिक और सांस्कृतिक संदेशों के महत्व पर भी जोर दिया।
श्रवण कुमार प्रसंग ने नम कीं दर्शकों की आंखें
रामलीला के तीसरे दिन मंचित प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अनजाने में राजा दशरथ के हाथों श्रवण कुमार का वध, उनके अंधे माता-पिता द्वारा राजा दशरथ को शाप देना और पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने के मार्मिक दृश्यों का मंचन किया गया।
कलाकारों के जीवंत और हृदयस्पर्शी अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर प्रस्तुत भावनात्मक दृश्यों के दौरान रामलीला परिसर में मौजूद दर्शक भावुक नजर आए।
समिति पदाधिकारियों ने किया सम्मानित
इस अवसर पर रामलीला समिति के संरक्षक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, अध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह, सचिव राधेश्याम सिंह और कोषाध्यक्ष गौरव ओझा ने आलोक शर्मा, मनोज सैनी एवं सोम त्यागी को पटका पहनाकर पारंपरिक रूप से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में गणेश उत्सव समिति के प्रवीण बरदिया, विनीत कुमार चौहान, संजय चौधरी तथा भेल के श्रमिक नेता संदीप चौधरी, नरेश नेगी, अशोक शर्मा, सचिन राही, वीरेंद्र नेगी, संजय वर्मा, धनंजय यादव, राजकुमार, सुबोध कुमार, मुख्तियार सिंह और राकेश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भेल की यह ऐतिहासिक रामलीला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बनी हुई है।
