भगवान कपिल मुनि का दर्शन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर : श्रीमहंत रविंद्र पुरी
हरिद्वार, 2 अक्टूबर। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में कपिल मुनि षष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर प्रातःकाल भगवान कपिल मुनि का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। संत-महंतों ने विश्व कल्याण और सभी प्राणियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की प्रार्थना की।
रक्तदान शिविर में लोगों ने किया उत्साहपूर्वक रक्तदान
कपिल षष्ठी पर्व के अवसर पर अखाड़े की छावनी में रोटरी क्लब रानीपुर के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में श्रद्धालुओं, संतों और अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। संतों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ सेवा कार्यों को जोड़ना समाज में मानवता और परोपकार की भावना को मजबूत करता है।
ज्ञान, तप और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक हैं कपिल मुनि
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव एवं श्री अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान कपिल मुनि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में ज्ञान, तप और सांख्य दर्शन के महान प्रवर्तक माने जाते हैं। कपिल षष्ठी पर्व सनातन परंपरा, ज्ञान और मानव कल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि भगवान कपिल मुनि के जीवन और शिक्षाओं से समाज को सत्य, संयम और आत्मज्ञान की प्रेरणा मिलती है। उनका दर्शन मनुष्य को आत्मचिंतन और ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश देता है।
संत समाज का दायित्व सेवा और सद्भाव को मजबूत करना
श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि संत समाज का दायित्व केवल धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सद्भाव और मानवता की भावना को भी मजबूत करना है। धार्मिक पर्वों के माध्यम से लोगों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने भगवान कपिल मुनि से 26/11 जैसी घटना को रोकने और हवाई जहाज में यात्रा कर रहे सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मानव सेवा के लिए प्रेरित करती है संत परंपरा : श्रीमहंत मनोज गिरि
श्रीमहंत मनोज गिरि महाराज ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के साथ मानव सेवा के लिए भी प्रेरित करती है। भगवान कपिल मुनि की शिक्षाएं आज भी मनुष्य को ज्ञान, संयम और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज को भगवान कपिल मुनि के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना चाहिए।
संत-महंतों ने की सहभागिता
कपिल षष्ठी पर्व के अवसर पर श्रीमहंत मनोज गिरि, श्रीमहंत विनोद गिरि उर्फ हनुमान बाबा, श्रीमहंत गंगा पुरी, श्रीमहंत कृष्णा गिरि, श्रीमहंत विश्वनाथ गिरि, श्रीमहंत धीरज पुरी, साध्वी गौतमी, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे, कोठारी महंत जसविंदर सिंह, नया उदासी अखाड़े के श्रीमहंत, महामंडलेश्वर शिव प्रेमानंद, मनसा पुरी, श्रीमहंत सत्यम गिरि, सुभाष पुरी सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अखाड़े में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान कपिल मुनि का पूजन कर आशीर्वाद लिया और विश्व शांति, सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण की कामना की।
