टीटी को बताया मामा, जनरल टिकट को थर्ड एसी में बदलवाने का दिया झांसा
मजदूरों से 12 हजार रुपये नकद और मोबाइल ठगा, बैंक खातों से निकाले 90,500 रुपये; 50 हजार रुपये फ्रीज
हरिद्वार, 14 अक्टूबर। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट को थर्ड एसी में बदलवाने का झांसा देकर पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों से एक लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले पांच आरोपियों को जीआरपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये नकद और पीड़ित का मोबाइल फोन बरामद किया गया है। वहीं, पुलिस ने बैंक से समन्वय कर ठगी की रकम में से 50 हजार रुपये फ्रीज करा दिए हैं। सभी आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 19 से 24 वर्ष के बीच है। एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
टीटी को रिश्तेदार बताकर रचा ठगी का जाल
एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 10 अक्टूबर की रात हरिद्वार में मजदूरी करने वाले पश्चिम बंगाल निवासी बिस्वजीत सौरेन और रंजीत कोरा कुंभ एक्सप्रेस से घर जाने के लिए जनरल टिकट लेकर स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दो युवक उनके पास पहुंचे और बातचीत शुरू कर दी।
आरोपियों ने दावा किया कि उनका मामा रेलवे में टीटी है और वह दोनों के जनरल टिकट को थर्ड एसी में बदलवा सकता है। इसके बाद उन्होंने अपने एक अन्य साथी को फर्जी टीटी के रूप में बुलाया।
सामान जमा कराने की बनाई फर्जी कहानी
आरोपियों ने मजदूरों को बताया कि एसी कोच में सफर करने से पहले मोबाइल, उसका पिन कोड, बैग, कपड़े और नकदी रेलवे में जमा करनी होगी। इसके बदले रसीद मिलेगी और गंतव्य स्टेशन पर रसीद दिखाकर सामान वापस मिल जाएगा।
झांसे में आकर दोनों मजदूरों ने 12 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, बैग और कपड़े आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद वे कई घंटे तक बताए गए स्थान पर सामान की रसीद मिलने का इंतजार करते रहे।
अगले दिन बैंक में जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खातों से 90,500 रुपये निकाल लिए गए हैं। इसके बाद पीड़ितों ने जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
बिहार भागने की फिराक में थे आरोपी
शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पांचों आरोपियों को रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद बिहार भागने की तैयारी में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ, सुमित, किशन कुमार, जितेंद्र कुमार चौधरी और बंटी कुमार के रूप में हुई है। सभी बिहार के मुंगेर और भागलपुर जिलों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
पूछताछ में एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने संबंधित बैंक से संपर्क कर रकम फ्रीज करा दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर बिहारी भाषा में बातचीत कर बिहार और पश्चिम बंगाल के मजदूरों को निशाना बनाते थे।
एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस की अपील: रेलवे स्टेशन पर किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपना मोबाइल, बैंकिंग पिन, नकदी या सामान न सौंपें। टिकट संबंधी सहायता के लिए रेलवे के अधिकृत कर्मचारियों से ही संपर्क करें।
