ट्रॉली बैग और कट्टे में एक-एक किलो के पैकेट बनाकर छिपाया था गांजा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
हरिद्वार, 23 सितंबर। कनखल कोतवाली पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 32 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गांजे को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए ट्रॉली बैग और कट्टे में छिपाकर ले जा रहे थे। बरामद गांजे को करीब एक-एक किलोग्राम के पैकेट में पैक कर टेप से लपेटा गया था।
पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कनखल पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान श्रीयंत्र मंदिर से बैरागी कैंप की ओर जाने वाले मार्ग पर तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की और उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली।
ट्रॉली बैग और कट्टे से मिला गांजा
तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रॉली बैग और एक कट्टे के अंदर भारी मात्रा में गांजा मिला। गांजे के पैकेट बनाकर उन्हें टेप से अच्छी तरह लपेटा गया था। पुलिस ने मौके पर बरामद गांजे का वजन कराया, जो कुल 32 किलोग्राम पाया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया।
तीनों आरोपियों की हुई पहचान
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम दिपेश पुत्र गोल्डन झा निवासी बैरागी कैंप, कनखल, रणजीत लाकड़ा पुत्र विशु लाकड़ा निवासी ठोकर नंबर 10, झुग्गी-झोपड़ी, कनखल तथा आदित्य राय पुत्र मुकेश राय निवासी मीना बाजार, लोहाघाट, जनपद चंपावत बताए।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो हरिद्वार जनपद के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी चंपावत जनपद का निवासी है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लेकर आए थे और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने का भी प्रयास कर रही है।
पुलिस टीम रही शामिल
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में एसएसआई मनोज गैरोला, एसआई नरेंद्र सिंह रावत, अपर उपनिरीक्षक ललित मोहन अधिकारी, हेड कांस्टेबल प्रमोद शर्मा, कांस्टेबल रणजीत सिंह और गजय तोमर शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
