संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर लिया आशीर्वाद, शब्द-कीर्तन से गूंजे गुरुद्वारे
हरिद्वार, 18 अक्टूबर। कार्तिक महीने की संक्रांत हरिद्वार के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शनिवार देर रात तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारों में पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया। संगत ने रहिरास साहिब और सुखमनी साहिब का पाठ कर गुरु चरणों में अरदास की।
निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में शब्द-कीर्तन
कनखल स्थित निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में स्थानीय महिलाओं ने शब्द-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। इस दौरान संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि सत्संग सौभाग्य से प्राप्त होता है और प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु के सत्संग में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्तिक का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है। गुरु की सेवा और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलता है। गुरु ही परमात्मा से जुड़ने का मार्ग दिखाते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को गुरु की सेवा और शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे के लिए मूल स्थान उपलब्ध कराने की मांग
निर्मल विरक्त कुटिया डेरा कार सेवा ऐतिहासिक गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाबा पंडत ने कहा कि यहां प्रत्येक महीने संक्रांत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में संगत पहुंचती है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे के लिए जल्द से जल्द मूल स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिख समाज लंबे समय से इस विषय को लेकर प्रयासरत है। सरकार को शीघ्र निर्णय लेकर गुरुद्वारे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए, ताकि भव्य गुरुद्वारे का निर्माण हो सके।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
कार्यक्रमों में संत तरलोचन सिंह, संत बलजिंदर सिंह शास्त्री, ज्ञानी पंकज सिंह, सूबा सिंह ढिल्लों, सतपाल सिंह, उज्जल सिंह सेठी, अपनिंदर कौर, सरबजीत कौर, नैनी महेन्द्रू, प्रेम सिंह, सिमरनजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, जसकरण सिंह, सुदीप सिंह सलूजा, अनूप सिंह, निर्मल सिंह, कुलदीप सिंह, मनिंदर सिंह, मनजीत सिंह, हरविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह और सुरजीत सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
