उत्तराखंड की संस्कृति, मां गंगा और भारतीय परंपराओं से कराया परिचय
हरिद्वार, 26 सितम्बर। हरिद्वार-ऋषिकेश की सांस्कृतिक यात्रा पर पहुंचे नोएडा के मयूर स्कूल और जर्मनी से आए विद्यार्थियों ने शनिवार को हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से संवाद किया। इस दौरान सांसद ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक परंपराओं और मां गंगा की आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्ता से परिचित कराया।
विद्यार्थियों ने पूछे संस्कृति और गंगा से जुड़े सवाल
संवाद कार्यक्रम में छात्रों ने देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, गंगा नदी, भारतीय परंपराओं और यहां की जीवनशैली से जुड़े कई सवाल पूछे। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से उत्तर देते हुए उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, लोक संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की जानकारी साझा की।
वसुधैव कुटुम्बकम का दिया संदेश
सांसद ने कहा कि भारत की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी विविधतापूर्ण संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध विरासत से भी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हिमालय, मां गंगा, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना का संगम है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार है और ऐसे सांस्कृतिक संवाद देशों के बीच आपसी समझ, सम्मान और मैत्री को मजबूत करते हैं।
सांस्कृतिक यात्रा को बताया यादगार अनुभव
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जर्मनी से आए युवाओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जानने की उत्सुकता सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों और संस्कृतियों के विद्यार्थियों के बीच संवाद नई पीढ़ी को एक-दूसरे की विरासत और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर देता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने हरिद्वार-ऋषिकेश की सांस्कृतिक यात्रा को ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव बताया तथा उत्तराखंड की संस्कृति और मां गंगा के प्रति विशेष रुचि व्यक्त की।
