अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में देवपुरा चौक पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
हरिद्वार, 15 अक्टूबर। अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में महानगर कांग्रेस ने देवपुरा चौक पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियुक्ति रद्द करने तथा अंकिता भंडारी प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग उठाई।
परिवार को न्याय दिलाने की मांग
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कहा कि बेटी को खो चुके माता-पिता को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार की पीड़ा सुनने के बजाय उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अंकिता भंडारी को नहीं भूला है और कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
युवा नेता वरुण बालियान और वरिष्ठ नेता महेश प्रताप राणा ने कहा कि अंकिता के माता-पिता ने कथित वीआईपी के संबंध में दुष्यंत गौतम का नाम लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, इन सवालों का समाधान निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच से होना चाहिए। उन्होंने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही पर जोर
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा और पूर्व नगर अध्यक्ष अंजू द्विवेदी ने कहा कि इस मामले में परिवार की आशंकाओं को दूर करना आवश्यक है। कांग्रेस नेताओं ने इंडिया गेट पर धरने के दौरान अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की।
महानगर कांग्रेस महासचिव राजीव भार्गव, ब्लॉक अध्यक्ष अजय गिरी, पार्षद हिमांशु गुप्ता, रचना शर्मा, हिमांशु राजपूत और राजेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य नेताओं ने कहा कि परिवार को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाई जाती रहेगी।
प्रदर्शन में सीपी सिंह, दाताराम चौहान, दिनेश चौहान, अमित गुप्ता, विशाल अग्रवाल, शुभम जागरिया, गौरव गोस्वामी, अरुण चौहान, सतेंद्र वर्मा, एलएस रावत और वार्ड अध्यक्ष नंदन कुमार समेत अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से और निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाए, ताकि पीड़ित परिवार का भरोसा कायम हो सके।
