रुद्रप्रयाग में महिला किसान दिवस पर 30 प्रगतिशील महिला किसान सम्मानित

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प्राकृतिक खेती, पौष्टिक अनाज और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दी गई जानकारी

रुद्रप्रयाग, 15 अक्टूबर 2026। अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष 2026 के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग में गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर उद्यान विभाग की ओर से 30 प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया।

प्राकृतिक एवं जैविक खेती का दिया प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केंद्र जाखधार में महिला समूहों की सदस्यों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती, पौष्टिक अनाजों के उत्पादन और उनके मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। साथ ही सब्जी एवं फल उत्पादन तथा फल-सब्जियों के संरक्षण की विधियों के बारे में भी बताया गया।

संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. निकिता और डॉ. सचान ने बेकरी उत्पादों में मंडुवे के उपयोग, मंडुवे के बिस्कुट बनाने तथा फलों के जूस और अचार तैयार करने की तकनीकों की जानकारी दी। महिलाओं को इन गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।

गांवों में भी हुए जागरूकता कार्यक्रम

विकासखंड स्तर पर न्याय पंचायतों में संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत न्याय पंचायत पीपली के ग्राम धारकोट और न्याय पंचायत सौंराखाल के ग्राम सौंड़ा भरदार में भी महिला किसान दिवस मनाया गया। कार्यक्रमों की अध्यक्षता संबंधित महिला ग्राम प्रधानों ने की।

इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कृषि कार्यों में आधुनिक एवं तकनीकी विधियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

महिला किसानों को किया सम्मानित

कार्यक्रम में कृषि विभाग से डॉ. चयन पंत, सहायक डेयरी निदेशक डॉ. भूपेंद्र बिष्ट और उद्यान विभाग से सुमन सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रगतिशील महिला किसानों के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी में नई तकनीकों, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनकर जनपद के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

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