*शहडोल/विकास पाण्डेय*
*शहडोल/जैतपुर* । शिक्षा विभाग में जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर विभाग के आला अधिकारी भी हैरान हैं। जैतपुर संकुल के अंतर्गत आने शासकीय प्राथमिक विद्यालय नवाटोला में एक युवक ‘भविष्य’ की शैक्षणिक योग्यता दिखाकर ‘वर्तमान’ में बच्चों का भविष्य गढ़ रहा है। मामला पूरी तरह से दस्तावेजों की कूट रचना और प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।
**समय यात्रा वाला स्कोरकार्ड:*
प्रस्तुत स्कोरकार्ड में सबसे बड़ी धांधली सत्र (Session) को लेकर है। स्कोरकार्ड में शैक्षणिक सत्र 2025-26 अंकित है, जबकि अभी वर्ष 2026 का आगमन भी नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवक (महेंद्र सिंह) ने साल 2024 में 12वीं पास की है, लेकिन नौकरी पाने के लिए उसने एडिटेड स्कोरकार्ड का सहारा लिया, जिसमें भविष्य की तारीखें दर्ज हैं।
**प्राथमिक शाला में ‘होम* *साइंस’ का फर्जीवाड़ा*
स्कोरकार्ड के अनुसार, आवेदक का पैनल ‘Varg-3 General’ दिखाया गया है, लेकिन विषय में *’ Home* Science’ (गृह विज्ञान)* लिखा है। संकुल प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि उनके क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिक स्तर पर होम साइंस का कोई पद या विषय ही नहीं है। यह स्पष्ट करता है कि स्कोरकार्ड को अनाड़ी तरीके से एडिट किया गया है।
*बिना वेरिफिकेशन के कैसे हुई ज्वाइनिंग?*
स्कोरकार्ड के नीचे वेरीफिकेशन डेट 23/05/2025 अंकित है। सवाल यह है कि:
जब आवेदक का स्कोर कार्ड में 12 पास 2025-26 स्कोर कार्ड में दिखा रहा है तो वेरिफिकेशन कैसे हो गया?
क्या विद्यालय के प्रधान पाठक ने बिना ओरिजिनल मार्कशीट देखे ज्वाइनिंग करा दी?
स्कोरकार्ड पर GHSS KHAMHARIYA के प्राचार्य का नाम है, जबकि संकुल जैतपुर पैकरा इससे अनभिज्ञता जता रहा है।
*जिम्मेदारों पर उठते सवाल*
इस फर्जीवाड़े ने संकुल और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विद्यालय के शिक्षकों ने जानबूझकर इस फर्जीवाड़े को संरक्षण दिया? यदि संकुल से वेरिफिकेशन नहीं हुआ, तो मानदेय का भुगतान किस आधार पर करने की तैयारी थी?
*संकुल प्राचार्य का पक्ष:*
“यह स्कोरकार्ड पूरी तरह एडिटेड और फर्जी है। हमारे यहाँ होम साइंस विषय का कोई प्रावधान नहीं है। मामले की जाँच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु पत्र लिखा जाएगा।”
यह मामला केवल एक युवक की धोखाधड़ी नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की ऑनलाइन प्रक्रिया में सेंधमारी और स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार का सबूत है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ‘भविष्य के शिक्षक’ पर क्या कोई कार्रवाई करता है।

