इक्कड़ कलां गांव में निःशुल्क विधिक परामर्श, सरकारी योजनाओं और लोक अदालत की दी जानकारी
रिपोर्टर : पुलिस दर्पण, हरिद्वार
हरिद्वार, 21 सितम्बर। कॉलेज ऑफ लीगल स्टडीज, कोर यूनिवर्सिटी रुड़की द्वारा हरिद्वार तहसील के गांव इक्कड़ कलां में विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा न्याय प्राप्त करने की सरल प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न कानूनी विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
मुख्य अतिथि ने दी निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी
शिविर की मुख्य अतिथि अपर जिला जज एवं स्थायी लोक अदालत की न्यायाधीश नीतू जोशी ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कानून समाज के हर व्यक्ति के लिए समान है और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक भी मुफ्त वकील और न्याय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने स्थायी लोक अदालत, मध्यस्थता, घरेलू हिंसा अधिनियम, महिलाओं के अधिकार और मोटर दुर्घटना प्रतिकर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी साझा की।
ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ विधिक समाधान
शिविर के दौरान ग्रामीणों को पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी मामले, पेंशन, राशन कार्ड, घरेलू हिंसा तथा अन्य कानूनी समस्याओं पर विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क विधिक परामर्श दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैरा लीगल वालंटियर टीम ने ग्रामीणों को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों ने संभाली शिविर की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. डॉ. संदीप कुमार के संयोजन तथा डॉ. प्रियंका मित्तल अग्रवाल के सह-संयोजन में किया गया। शिविर का संचालन कॉलेज के विधि संकाय के छात्र-छात्राओं ने किया, जिन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और अधिकारों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का माध्यम
कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. जागेश्वर नाथ सिंह ने मुख्य अतिथि, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज भविष्य में भी समाज हित से जुड़े ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उनके अनुसार, विधि के छात्रों के लिए इस प्रकार के शिविर न्याय व्यवस्था और लोक अदालत की कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापक, कर्मचारी, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
