शहर की सजावट के साथ सनातन परंपरा और कुंभ की पवित्रता का भी रखा जाए ध्यान : पंडित अधीर कौशिक
हरिद्वार, 22 अक्टूबर। श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने अर्द्धकुंभ मेले के दौरान हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में मांस, मदिरा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में अखाड़े के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर आवश्यक अधिसूचना जारी करने की मांग की।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि अर्द्धकुंभ की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। कुंभ नगरी को सजाने-संवारने के लिए करोड़ों रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ऐसे में शहर की सुंदरता के साथ सनातन परंपराओं और कुंभ पर्व की पवित्रता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए कुंभ क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पंडित कौशिक ने आरोप लगाया कि वर्तमान में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मांस और शराब की बिक्री एवं सेवन हो रहा है। ऑनलाइन माध्यमों से भी इनकी घरों तक आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने इसे धार्मिक परंपराओं से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पंडित अधीर कौशिक ने नशीले पदार्थों और इंजेक्शनों की कथित अवैध बिक्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती समस्या युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। कुंभ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि अर्द्धकुंभ अवधि में हरिद्वार धर्मनगरी के कुंभ क्षेत्र में मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों की बिक्री तथा सेवन पर प्रतिबंध लगाने के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कोतवाल कमल मुनि, रवि चेतन, सुबोधानंद, रमेशानंद, पवनकृष्ण शास्त्री, स्वामी कार्तिक, गौरव, ऋषि और कपिलानंद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
