दयानंद बस्ती में स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा से स्वागत, शताब्दी वर्ष में गांव-गांव तक पहुंचने का लक्ष्य: डॉ. शैलेंद्र
हरिद्वार, 20 अक्टूबर। विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से हरिद्वार की दयानंद बस्ती में भव्य पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन में शामिल स्वयंसेवकों का स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे पूर्व विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के साथ नगर के प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस ऐतिहासिक वर्ष में गांव-गांव तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है। शहरों में बस्ती-बस्ती संपर्क बढ़ाने और शाखाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, जिसका कार्य पिछले 100 वर्षों से निरंतर चल रहा है। शाखा पद्धति संघ की रीढ़ है। इसके माध्यम से व्यक्ति में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, समर्पण और सेवा जैसे गुण विकसित होते हैं। शाखा में जाति, पंथ और भाषा से ऊपर उठकर स्वयंसेवक राष्ट्रहित में चिंतन करते हैं।
डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि संघ शक्ति की उपासना में विश्वास करता है। उनके अनुसार, समाज की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए संगठित एवं सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संघ का विरोध होने के बावजूद संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ में शामिल होने का उद्देश्य व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने सामर्थ्य और संसाधनों को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित करना है।
जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान ने कहा कि विजयदशमी का दिन संघ के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी।
उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों में आगे रहकर समाज के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। कोरोना काल, बाढ़ और अन्य आपदाओं के दौरान स्वयंसेवकों ने राहत एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नगर संचालक एडवोकेट ज्ञानेश ठकराल, जिला प्रचारक जगदीप, नगर प्रचारक तनुज, प्रांत सामाजिक सद्भाव प्रमुख रमेश उपाध्याय, पूर्व कुलपति डॉ. दिनेशचंद्र शास्त्री, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. नवीन पंत, नगर कार्यवाह डॉ. अनुराग वत्स, सह कार्यवाह बलदेव रावत, जिला सामाजिक सद्भाव प्रमुख अमित शर्मा, नगर बौद्धिक प्रमुख भूपेंद्र रावत, शारीरिक प्रमुख उमेश मिश्रा, संपर्क प्रमुख सुशील सैनी, प्रचार प्रमुख अमित शर्मा, उप नगर कार्यवाह मनोज पाल सहित कुलदीप, त्रिलोक, अमित त्यागी, मोनू त्यागी और सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद रहे।
