पुलिस दर्पण संवाददाता, देहरादून
देहरादून, 11 सितंबर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों, पीजी छात्रों और एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के चलते दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित कई सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उत्तराखंड में उन्हें अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिलता है। बढ़ती महंगाई और कार्यभार को देखते हुए स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।
डॉक्टरों के आंदोलन का असर अस्पतालों की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई दिया। कई विभागों में मरीजों की जांच और परामर्श सेवाएं सीमित रहीं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर और गंभीर मरीजों का उपचार पूरी तरह जारी रखा गया, ताकि किसी भी मरीज को जीवन रक्षक उपचार में दिक्कत न हो।
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पतालों में लंबी प्रतीक्षा और उपचार में देरी की शिकायत की। कई मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ा। वहीं स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल शिक्षा विभाग आंदोलनकारी डॉक्टरों से लगातार बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सरकार ने भी डॉक्टरों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और जल्द समाधान निकालने की बात कही है।
देहरादून में जारी यह आंदोलन अब पूरे उत्तराखंड के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
