विनिर्माण, औद्योगिक संबंध और मानव संसाधन प्रबंधन में 36 वर्षों से अधिक का अनुभव
हरिद्वार, 23 अक्टूबर। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) में श्री एम. श्रीधर ने निदेशक (मानव संसाधन) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। 57 वर्षीय श्रीधर इससे पहले बीएचईएल के कॉर्पोरेट कार्यालय, नई दिल्ली में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने कॉर्पोरेट मानव संसाधन कार्यों का नेतृत्व करने के साथ कंपनी की मानव संसाधन नीतियों और रणनीतिक कार्मिक पहलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री एम. श्रीधर ने हैदराबाद स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय के सीबीआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेएनटीयू), हैदराबाद से सीएडी/सीएएम में एमटेक तथा एक्सएलआरआई, जमशेदपुर से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीएम) भी किया है।
उन्होंने वर्ष 1990 में बीएचईएल में अभियंता प्रशिक्षु के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें विनिर्माण, वाणिज्यिक परिचालन, परियोजना निष्पादन, औद्योगिक संबंध, मानव संसाधन प्रबंधन और कॉर्पोरेट नीति के क्षेत्रों में 36 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है।
अपने लंबे करियर के दौरान श्रीधर ने बीएचईएल की हैदराबाद इकाई और कॉर्पोरेट कार्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने स्टीम टर्बाइन, गैस टर्बाइन और सेंट्रीफ्यूगल कंप्रेसर के विनिर्माण परिचालन का नेतृत्व करने के साथ संविदा प्रबंधन, वाणिज्यिक गतिविधियों, विपणन, उत्पादकता, प्रबंधन सेवाओं, योजना एवं विकास, इरेक्शन एवं कंस्ट्रक्शन, केंद्रीय प्रेषण और औद्योगिक संबंधों से जुड़े दायित्व भी संभाले।
कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) बनने से पहले उन्होंने महाप्रबंधक एवं प्रमुख, कॉर्पोरेट मानव संसाधन के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने मानव संसाधन नीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन, निष्पादन प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने और कंपनी के संगठनात्मक लक्ष्यों के अनुरूप रणनीतिक मानव संसाधन पहलों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
विनिर्माण, वाणिज्यिक गतिविधियों और मानव संसाधन प्रबंधन में उनके व्यापक अनुभव से बीएचईएल की व्यावसायिक प्राथमिकताओं और कर्मचारी-केंद्रित नीतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
