कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर देशभर की सियासत में गर्माहट तेज है। ऐसे में अब इस मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने राहुल गांधी को सीधे चुनौती दी है।
केटीआर ने कहा कि राहुल गांधी तेलंगाना आएं और यहां के छात्रों की समस्याओं को खुद सुनें। केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर रोजगार और शिक्षा से जुड़े अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहने का गंभीर आरोप लगाया है।
तेलंगाना के छात्रों का सामना करें राहुल- केटीआर
राहुल गांधी के इन दिनों चल रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केटीआर ने कहा कि दूसरे राज्यों के छात्रों के मुद्दों पर बोलने से पहले राहुल गांधी को तेलंगाना आकर यहां के हालातों का सामना करना चाहिए।
केटीआर ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी जी, क्या आपको यहां के छात्रों की गूंज सुनाई नहीं दे रही? क्या आप उनकी आवाज नहीं सुन पा रहे? तेलंगाना आइए। हैदराबाद के अशोकनगर या फिर करीमनगर आइए। हम आपकी पूरी मेहमाननवाजी करेंगे, लेकिन यहां आइए और हमारे छात्रों से बात कीजिए।
नौकरियों के वादों पर भी उठाए सवाल
इस दौरान केटीआर ने हैदराबाद के अशोकनगर में चुनाव से पहले युवाओं के साथ राहुल गांधी की पिछली मुलाकातों का जिक्र भी किया। उन्होंने पूछा कि हर साल दो लाख सरकारी नौकरियां देने के कांग्रेस के उस बड़े वादे का अब क्या हुआ?
केटीआर ने आरोप लगाया कि जिन बेरोजगार युवाओं को चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं ने बड़े चाव से देखा था, सरकार बनने के बाद उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। केटीआर ने तंज कसते हुए पूछा कि आपने दो लाख नौकरियां देने का वादा किया था। उस वादे का क्या हुआ? अब आप कहां हैं?
सीएम रेवंत रेड्डी पर भी बोला हमला
केटीआर ने अपने बयान में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार का भी घेराव किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जिस जॉब कैलेंडर का वादा किया गया था, वह जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राज्य में जॉब कैलेंडर की जगह सिर्फ ‘स्कैम कैलेंडर’ और ‘गाली-गलौज वाला कैलेंडर’ चल रहा है।
अब समझिए किस बात पर हो रहा है विरोध?
गौरतलब है कि इन दिनों तेलंगाना में छात्रों का गुस्सा लगातार फूट रहा है। हाल ही में करीमनगर समेत कई जगहों पर पॉलीटेक्निक छात्रों ने GO 97 के तहत पॉलीटेक्निक शिक्षा का ‘यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी’ में विलय किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया है।
