हरिद्वार, 15 सितंबर 2026। महाकुंभ-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार नगर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालीन जरूरतों के अनुरूप सुदृढ़ किया जा रहा है। शहर में जल वितरण नेटवर्क को मजबूत करने, पुरानी पाइपलाइनें बदलने और नई पेयजल सुविधाओं के विकास के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहे हैं। इन योजनाओं का लाभ महाकुंभ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ हरिद्वार के स्थानीय नागरिकों को भी मिलेगा।
जल संस्थान के माध्यम से 9.69 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल नेटवर्क को बेहतर बनाया जा रहा है। इनमें 5.61 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 9.5 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी लाइनों के प्रतिस्थापन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सप्तऋषि रोड, दूधाधारी चौक से शांतिकुंज, ब्रह्मपुरी-मनसा देवी मार्ग, बिल्केश्वर कॉलोनी और कनखल क्षेत्र में नई पेयजल लाइनें डाली जा रही हैं।
इसके साथ ही भूपतवाला पावन धाम पंपिंग पेयजल योजना का पुनर्गठन पूरा हो चुका है, जबकि प्राथमिक विद्यालय और श्यामलोक पंपिंग पेयजल योजनाओं का कार्य अंतिम चरण में है। वितरण पाइपलाइन और पंपिंग व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि जलापूर्ति अधिक सुचारु और भरोसेमंद हो सके।
महाकुंभ-2027 को देखते हुए उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा 35 पेयजल योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनके लिए 29.39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बैरागी कैंप में 1500 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक और दो ट्यूबवेल लगभग तैयार हैं। वहीं लालजीवाला, दक्षद्वीप, गौरीशंकर और पंतद्वीप में आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन वेल तथा कई नए ट्यूबवेलों का निर्माण अंतिम चरण में है।
मेला क्षेत्र में सात स्थानों पर मिनी ट्यूबवेल विकसित किए जा रहे हैं और पहले से संचालित दस पेयजल योजनाओं की मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य भी जारी है। एफजीआई पाइपलाइन के प्रतिस्थापन और राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देशन में सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से हरिद्वार शहर की जल वितरण व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। महाकुंभ-2027 के दौरान बढ़ी हुई पेयजल मांग को पूरा करने के साथ स्थानीय नागरिकों को भी वर्षभर बेहतर, सुचारु और भरोसेमंद पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
